एनसीआर में पुराने व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ ‘परिवर्तन योजना’ तेज

एनसीआर में पुराने व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ ‘परिवर्तन योजना’ तेज

एनसीआर में पुराने व्यावसायिक वाहनों के खिलाफ ‘परिवर्तन योजना’ तेज

चंडीगढ़, 21 अगस्त। हरियाणा सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। राज्य के एनसीआर जिलों में बीएस-I, बीएस-II, बीएस-III और बीएस-IV श्रेणी के ट्रकों और बस मालिकों को नोटिस जारी किए जाएंगे और उन्हें निर्धारित समय-सीमा में वाहनों को हटाने या बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यह निर्णय आज यहां मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में परिवहन विभाग की ’परिवर्तन योजना’ के तहत एनसीआर में पुराने वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रगति की समीक्षा की गई।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि वाहन मालिकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुराने वाहनों का निपटान करना या उन्हें बदलना होगा। बीएस-I, बीएस-II, बीएस-III और इससे पुराने वाहनों को पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्रों पर स्क्रैप कराना होगा। पात्र बीएस-IV वाहनों को स्क्रैप कराया जा सकता है अथवा एनसीआर से बाहर गैर-एनसीएपी शहर या क्षेत्र में बेचा जा सकता है। इनके स्थान पर बीएस-टप् मानकों के अनुरूप, अधिक कड़े उत्सर्जन मानकों वाले अथवा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदे जा सकेंगे।

निर्देशों का पालन नहीं करने वाले वाहन मालिकों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई की जाएगी। इसके तहत संबंधित वाहनों को जब्त किया जा सकता है और उन्हें अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्रों पर भेजा जा सकता है। यह कार्रवाई परिवर्तन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और एनसीआर में पुराने प्रदूषणकारी वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के उद्देश्य से की जाएगी।

परिवहन विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री अतुल कुमार ने बताया कि राज्य के एनसीआर जिलों में बड़ी संख्या में पुराने वाणिज्यिक वाहन चिन्हित किए गए हैं। इसलिए योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए प्रवर्तन कार्रवाई महत्वपूर्ण है। परिवहन परिवर्तन पोर्टल के अनुसार राज्य में कुल 96,441 लक्षित वाहन हैं, जिनमें 81,079 ट्रक और 15,362 बसें शामिल हैं।

सबसे अधिक लक्षित वाहन गुरुग्राम में 24,032 हैं, जबकि फरीदाबाद में 18,141 वाहन चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा जींद, रेवाड़ी, सोनीपत, झज्जर, करनाल, पानीपत और रोहतक में भी बड़ी संख्या में पुराने वाणिज्यिक वाहन चिन्हित किए गए हैं।

सरकार की योजना में सख्त अनुपालन के साथ आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया गया है, ताकि वाहन मालिकों पर पुराने वाहनों को बदलने का आर्थिक बोझ कम हो और वे स्वच्छ एवं कम प्रदूषण वाले वाहनों की ओर आसानी से बढ़ सकें।

नई बीएस-VI या इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने वाले पात्र वाहन मालिकों को 10 वर्ष के लिए मोटर वाहन कर में सौ फीसदी छूट दी जाएगी। पुराने वाहन के स्थान पर पात्र पुराना वाहन खरीदने पर 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। योजना के तहत पंजीकरण शुल्क भी पूरी तरह माफ किया जाएगा।

इसके अतिरिक्त वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज सहायता, एक वर्ष से अधिक समय से लंबित देनदारियों की माफी तथा भाग लेने वाले वाहन निर्माताओं की ओर से 8 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान है।

बीएस-VI डीजल और सीएनजी वाहनों के लिए मासिक ईंधन वाउचर तथा इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों के लिए इसके समान एकमुश्त वित्तीय प्रोत्साहन का भी प्रावधान किया गया है।

परिवर्तन योजना को ’परिवहन परिवर्तन पोर्टल’ के माध्यम से पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया के रूप में लागू किया जा रहा है। पोर्टल पर वाहन का पंजीकरण एवं पात्रता की जांच, पुराने वाहन का निपटान, नए वाहन का चयन, वाहन ऋण की सुविधा तथा नए वाहन की खरीद और पंजीकरण की प्रक्रिया को एक साथ जोड़ा गया है।

प्रदेश में पुराने वाहनों के निपटान के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा भी तैयार किया गया है। राज्य में 26 अधिकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र स्थापित किए गए हैं। अब तक इस पोर्टल पर 314 वाहनों के पंजीकरण की सूचना प्राप्त हुई है।

योजना के पीछे सरकार का उद्देश्य एनसीआर की सड़कों से पुराने वाणिज्यिक वाहनों को तेजी से हटाना और उनके स्थान पर बीएस-VI तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। परिवर्तन योजना के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ वाहन मालिकों को सीधे आर्थिक लाभ देकर स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को गति दी जा रही है।

बैठक में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष श्री विनय प्रताप सिंह, परिवहन आयुक्त श्री प्रभजोत सिंह, पुलिस अधीक्षक कानून-व्यवस्था श्री सुरेंद्र भोरिया, एसपी ट्रैफिक श्रीमती पुष्पा तथा अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री संदीप अग्रवाल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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