मान सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, नहरी सिंचाई व्यवस्था हुई और मजबूत
मान सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा, नहरी सिंचाई व्यवस्था हुई और मजबूत
श्री चमकौर साहिब, 28 जुलाई। पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने आज विधानसभा क्षेत्र श्री चमकौर साहिब के गांव रुड़की हीरां में पंजाब सरकार द्वारा नहरी सिंचाई को सुदृढ़ बनाने के लिए करवाए गए महत्वपूर्ण विकास कार्यों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य के किसानों को अधिक से अधिक नहरी पानी उपलब्ध करवाकर भूजल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है।
गोयल ने बताया कि श्री चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र में समराला मेजर को पक्का करने, अमराला माइनर के पुनरुद्धार तथा भूमिगत पाइपलाइन बिछाने जैसी परियोजनाओं पर कुल 26.12 करोड़ रुपये की लागत आई है। इन परियोजनाओं से हजारों एकड़ भूमि को पहली बार अथवा पहले से अधिक मात्रा में नहरी सिंचाई का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि समराला मेजर को 7.21 किलोमीटर लंबाई तक पक्का करने पर 11.74 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस परियोजना से 13 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा तथा नहरी सिंचाई के अंतर्गत क्षेत्रफल 2,516 एकड़ से बढ़कर 3,333 एकड़ हो गया है। इससे 817 एकड़ अतिरिक्त भूमि को नहरी पानी उपलब्ध होगा।
उन्होंने बताया कि अमराला माइनर को 3.35 किलोमीटर लंबाई तक पक्का करने का कार्य 2.01 करोड़ रूपये की लागत से पूरा किया गया है। इससे 4 गांवों को लाभ मिलेगा तथा नहरी सिंचाई का क्षेत्र 1,519 एकड़ से बढ़कर 2,223 एकड़ हो गया है। परिणामस्वरूप 704 एकड़ अतिरिक्त भूमि नहरी सिंचाई के दायरे में आ गई है।
इसके अतिरिक्त किसानों के खेतों तक नहरी पानी सुचारु रूप से पहुंचाने के लिए 10.76 किलोमीटर लंबी दो भूमिगत पाइप लाइन बिछाई गई हैं, जिन पर 8.95 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इससे 9 गांवों को लाभ मिलेगा तथा नहरी सिंचाई का क्षेत्र 1,698 एकड़ से बढ़कर 2,295 एकड़ हो गया है। इस प्रकार 597 एकड़ अतिरिक्त भूमि को नहरी पानी मिलना सुनिश्चित हुआ है।
बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इसके अलावा पंजाब सरकार ने 3.42 करोड़ रूपये की लागत से सरहिंद नहर के साथ स्थित गांव झल्लियां, खेड़ी सलाबतपुर, धौलरां और भोजेमाजरा में लिफ्ट सिंचाई योजनाएं स्थापित की हैं, जिनसे 965 एकड़ भूमि को नहरी पानी की सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि श्री चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र में कुल 40 अस्थायी मोघे (जलमार्ग) बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से 17 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। इनमें पथरेड़ी जट्टां, बालसंडा, सिंबल झल्लियां, अमराली, रामगढ़, ओइंद, लुठेड़ी, रुड़की, बल्लां, चूहड़माजरा, बरसालपुर, कोटली, माजरी, सैदपुर, चक्कलां, कालेमाजरा सहित अन्य गांव शामिल हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि वर्ष 2022 में इन गांवों में केवल 3,217 एकड़ भूमि नहरी सिंचाई के अंतर्गत थी, जबकि अब नहरों के पुनरुद्धार, अस्थायी मोघों और भूमिगत पाइप लाइन निर्माण के बाद यह क्षेत्र बढ़कर 4,518 एकड़ हो गया है। इस प्रकार 1,301 एकड़ अतिरिक्त भूमि नहरी सिंचाई के दायरे में लाई गई है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी श्री चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र में लगभग 44 करोड़ रूपये की लागत से लिफ्ट सिंचाई परियोजनाएं पूरी कर 21 गांवों तक नहरी पानी पहुंचाया गया था। अब नई परियोजनाओं के साथ क्षेत्र के बड़े हिस्से में कृषि के लिए नहरी पानी की उपलब्धता और अधिक मजबूत हुई है।
श्री गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को अधिक से अधिक नहरी पानी उपलब्ध कराना, ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम करना तथा भूजल का संरक्षण करना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने नहरी ढांचे के रखरखाव पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया, जबकि वर्तमान सरकार ने जल संसाधनों के पुनरुद्धार को प्राथमिकता देते हुए रिकॉर्ड स्तर पर नहरों की सफाई, मरम्मत, पक्कीकरण, नए मोगों तथा पाइप लाइन निर्माण के कार्य करवाए हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के हिस्से का पानी पंजाब के खेतों तक पहुंचाना सरकार की प्रतिबद्धता है। नहरी नेटवर्क को मजबूत करके न केवल किसानों की सिंचाई लागत कम होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भूजल संरक्षण भी सुनिश्चित होगा।
इस अवसर पर विधायक डॉ. चरनजीत सिंह ने मुख्यमंत्री स.भगवंत सिंह मान तथा जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल का धन्यवाद करते हुए कहा कि श्री चमकौर साहिब विधानसभा क्षेत्र में नहरी सिंचाई को मजबूत करने के लिए किए गए ये विकास कार्य किसानों के लिए वरदान सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसानों की लंबे समय से चली आ रही नहरी पानी की मांग को पंजाब सरकार ने प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया है।
डॉ. चरनजीत सिंह ने कहा कि नहरों के पक्कीकरण, भूमिगत पाइपलाइन तथा लिफ्ट सिंचाई योजनाओं से हजारों एकड़ भूमि को नहरी पानी मिलेगा, जिससे किसानों की सिंचाई लागत कम होगी, फसलों की पैदावार बढ़ेगी तथा भूजल संरक्षण को भी बड़ा बल मिलेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि क्षेत्र के विकास और किसानों के कल्याण के लिए पंजाब सरकार इसी प्रकार जनहित की परियोजनाओं को निरंतर लागू करती रहेगी।
