भूमि प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए तकनीक का इस्तेमाल करेगा हरियाणा
भूमि प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए तकनीक का इस्तेमाल करेगा हरियाणा
चंडीगढ़, 5 अक्टूबर। हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोकनिर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन जुटाना अक्सर बड़ी चुनौती होती है, लेकिन हरियाणा ने तकनीक के जरिए इस प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
मंत्री रणबीर गंगवा सोमवार को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर ‘गतिशक्ति से प्रगति’ में पहले दिन ‘एक्सीलरेटिंग लैंड एक्विजिशन एंड लीवरेजिंग भूमि राशि’ विषय पर बोलते हुए प्रदेश के ई-भूमि मॉडल का अनुभव साझा किया। शिविर में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी समेत देशभर के विभिन्न राज्यों से आए लोकनिर्माण विभाग के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने इस दौरान बताया कि हरियाणा में सड़क परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को किस तरह ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ा गया है।
गंगवा ने कहा कि किसी भी सड़क परियोजना की सफलता के लिए सिर्फ पैसा और निर्माण एजेंसी ही जरूरी नहीं, बल्कि समय पर जमीन उपलब्ध होना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। हरियाणा में ई-भूमि व्यवस्था के जरिए जमीन की जरूरत तय करने से लेकर जमीन मालिकों से प्रस्ताव लेने और आगे की प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि जमीन मालिक अपनी जमीन स्वेच्छा से उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव दे सकते हैं। इसके बाद जमीन के रिकॉर्ड और परियोजना की जरूरत के अनुसार जांच की जाती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से संबंधित जानकारी एक जगह उपलब्ध रहती है और जमीन खरीद की प्रगति पर नजर रखना भी आसान होता है।
गंगवा ने कहा कि व्यवस्था का मकसद जमीन मालिक और सरकार के बीच प्रक्रिया को सरल बनाना है। पारदर्शी व्यवस्था से जमीन खरीद को लेकर स्पष्टता रहती है और परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि जमीन की कीमत और खरीद से जुड़े मामलों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाता है। जमीन मालिक की ओर से बताई गई कीमत को सीधे अंतिम नहीं माना जाता, बल्कि तय नियमों के अनुसार मामले पर विचार किया जाता है।
*ई-भूमि से एक ही जगह पूरी प्रक्रिया पर नजर*
मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि ई-भूमि व्यवस्था में जमीन की पेशकश से लेकर रजिस्ट्री, भुगतान, कब्जे और म्यूटेशन तक की जानकारी इलेक्ट्रॉनिक रूप से दर्ज होती है। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है और अधिकारियों के लिए इसकी निगरानी भी आसान हो जाती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा का यह अनुभव दूसरे राज्यों के लिए भी उपयोगी हो सकता है। सड़क परियोजनाओं में जमीन की उपलब्धता को लेकर पहले से तैयारी और तकनीक के इस्तेमाल से परियोजनाओं को समय पर आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
*केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से हरियाणा की सड़क परियोजनाओं पर भी चर्चा*
चिंतन शिविर के दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का स्वागत किया। इस दौरान हरियाणा में सड़क विकास और परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्धता से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। एकता नगर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर के पहले दिन देशभर से आए मंत्री और अधिकारी सड़क क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं। शिविर में भूमि उपलब्धता, परियोजना क्रियान्वयन, सुरक्षित राजमार्ग, गुणवत्ता और परियोजना निगरानी जैसे विषयों पर मंथन किया जा रहा है।
