मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और सामर्थ्य को सराहा

मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और सामर्थ्य को सराहा

मुख्यमंत्री ने युवाओं की ऊर्जा और सामर्थ्य को सराहा

चंडीगढ़, 12 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्रदेश के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस की बधाई देते हुए कहा कि युवा केवल एक उम्र नहीं, बल्कि ऊर्जा, सामर्थ्य और संभावनाओं का अथाह सागर हैं। युवा केवल भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत हैं जो विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बुधवार को अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर पंचकूला स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने एचआईवी-एड्स जागरूकता अभियान का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह अभियान आगामी 12 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में चलेगा। उन्होंने देश के 15 सुरक्षित जिलों की सूची में शामिल हरियाणा के कुरुक्षेत्र व कैथल जिलों को सम्मानित करते हुए कहा कि एचआईवी के खिलाफ लड़ाई केवल विरोध से नहीं, बल्कि सही जानकारी, जागरूकता, अपनापन और संवेदनशीलता के माध्यम से जीती जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एचआईवी के साथ जीवन जी रहे व्यक्ति से दूरी बनाना अज्ञानता है। हमें बीमारी से लड़ना है, बीमार व्यक्ति से नहीं। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि चुप्पी, कलंक और शर्म की तीन दीवारों को हमें मिलकर गिराना होगा। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम 10 अन्य लोगों तक एचआईवी से बचाव और उपचार से जुड़ी सही जानकारी पहुंचाए।

स्वस्थ युवा ही अपने सपनों को दे सकता है उड़ान

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की आकांक्षाएं चाहे कितनी भी बड़ी हों, उन्हें पूरा करने के लिए स्वस्थ और सक्षम शरीर आवश्यक है। अच्छे स्वास्थ्य, बेहतर शिक्षा, समान अवसर और सुरक्षित भविष्य की आकांक्षा रखने वाले युवाओं को सबसे पहले अपना शरीर स्वस्थ रखना होगा। उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि जिस हाथ में हुनर होना चाहिए, उसमें नशे की सुई नहीं होनी चाहिए और जिन आंखों में जीवन की चमक होनी चाहिए, उनमें नशे का अंधेरा नहीं होना चाहिए। स्वस्थ शरीर और अनुशासित चरित्र ही मजबूत भविष्य की नींव हैं।

गांव का युवा भी शहर के युवाओं की तरह आधुनिक कौशल सीखे

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत का युवा तेज गति से आगे बढ़ रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, ड्रोन, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिजिटल तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में दुनिया तेजी से बदल रही है। हरियाणा को इस बदलाव में सबसे आगे रहना है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि गांव का युवा भी शहर के युवा की तरह आधुनिक तकनीक और कौशल सीख सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आईटीआई संस्थाओं को करीब 3,000 करोड़ रुपये की लागत से उन्नत किया जा रहा है। उद्योगों और प्रशिक्षण संस्थानों के बीच एमओयू साइन करके मजबूत साझेदारी स्थापित की जा रही है, ताकि युवाओं को वही कौशल मिले जिसकी उद्योगों को वास्तविक आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कौशल विकास का उद्देश्य केवल प्रमाण-पत्र देना नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रशिक्षित युवा के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर सुनिश्चित करना है।

नौकरी मांगने से नौकरी देने वाले बनने की ओर बढ़ें युवा

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में युवाओं की सोच में बदलाव लाना सरकार की प्राथमिकता है। युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनें। रोजगार तलाशने के साथ-साथ रोजगार पैदा करने के अवसरों की खोज करें। उन्होंने बताया कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में हरियाणा में बिना खर्ची-बिना पर्ची दो लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। सरकार ने हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कार्यरत युवाओं के भविष्य को कानूनी सुरक्षा देने की दिशा में भी कदम उठाए हैं।

उन्होंने बताया कि विदेश जाने के इच्छुक युवाओं को बिचौलियों की ठगी से बचाने के लिए सरकार द्वारा कानून बनाया गया है और हरियाणा विदेश सहयोग विभाग की स्थापना की गई है। विदेशों से प्राप्त रोजगार के अवसरों के लिए युवाओं का यहीं साक्षात्कार लेकर उन्हें सुरक्षित एवं वैध माध्यम से विदेश भेजा जा रहा है और इसके लिए युवाओं से कोई पैसा नहीं लिया जाता।

एमएसएमई क्षेत्र बनेगा युवा शक्ति की आर्थिक ताकत 

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे सपने बड़े उद्यमों में बदलते हैं और हुनर रोजगार में बदलता है। हरियाणा में 14 लाख से अधिक एमएसएमई कार्यरत हैं। इस क्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए सरकार ने हरियाणा प्रगतिशील एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति-2026 लागू की है। इस नीति के तहत आगामी पांच वर्षों में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, 5 लाख से अधिक नए रोजगार सृजित करने और प्रदेश के निर्यात को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में नई स्टार्टअप नीति के तहत 10,000 से अधिक स्टार्टअप स्थापित हो चुके हैं। युवाओं के विचारों को उद्यम में बदलने के लिए पूंजी के साथ-साथ बेहतर नीतियां, बाजार, आधारभूत संरचना और उद्योगों का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हरियाणा सरकार इस सप्ताह आइडिया थॉन आयोजित कर रही है जिसमें कोई भी युवा अपने विचार साझा कर सकता है।

10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आईएमटी खरखौदा की सफलता से प्रेरणा लेते हुए प्रदेश में 10 नए औद्योगिक मॉडल टाउनशिप विकसित करने का बड़ा निर्णय लिया गया है। ये केवल जमीन और कारखानों की परियोजनाएं नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की परियोजनाएं हैं। इससे कुशल श्रमिकों, इंजीनियरों, तकनीशियनों और उद्यमियों के लिए रोजगार एवं अवसर बढ़ेंगे।

खेल मैदान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचे हर प्रतिभाशाली युवा

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आर्थिक निर्माण के साथ-साथ शरीर और चरित्र का निर्माण भी जरूरी है और इसके लिए खेल सबसे सशक्त माध्यम है। हरियाणा खेल प्रतिभाओं की धरती है और प्रदेश के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भारत ने 39 पदक जीते, जिनमें 13 स्वर्ण पदक शामिल हैं। इन 13 में से 7 स्वर्ण पदक हरियाणा के खिलाड़ियों ने हासिल किए हैं। इनमें 5 स्वर्ण पदक हरियाणा की बेटियों ने जीते हैं। यह केवल पदकों की संख्या नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं की मेहनत, खिलाड़ियों के जुनून और बेटियों की उड़ान की कहानी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर प्रतिभाशाली बच्चे को गांव के खेल मैदान से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का स्पष्ट रास्ता मिले। वर्ष 2036 तक भारत को वैश्विक खेल शक्ति बनाने के लक्ष्य में हरियाणा का योगदान सर्वाधिक हो, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करीब 2,000 खेल नर्सरियां संचालित की जा रही हैं, जहां 40,000 से अधिक युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं। खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी देने के साथ-साथ विजेताओं को करोड़ों रुपये के नकद पुरस्कार भी दिए जा रहे हैं। पिछले साढ़े 11 वर्षों में 16,418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ रुपये के पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

युवा शक्ति में जलाएं ज्ञान, जिम्मेदारी और संवेदना के दीप

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को ऐसे युवा चाहिए जो स्वस्थ भी हों, हुनरमंद भी हों, अनुशासित भी हों और उद्यमी भी। वे स्वयं सफल होने के साथ-साथ समाज के प्रति संवेदनशील भी रहें। उन्होंने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रत्येक युवा अपने भीतर तीन दीप जलाए-ज्ञान का दीप, जिम्मेदारी का दीप और संवेदना का दीप। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आज की युवा शक्ति विकसित हरियाणा और विकसित भारत की सबसे मजबूत नींव बनेगी।

युवा उद्यमिता व खेल राज्यमंत्री ने की हरियाणा के युवा खिलाड़ियों की सराहना

हरियाणा के खेल तथा युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता  राज्यमंत्री श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा के युवा खिलाड़ियों ने पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि 2014 से पहले भारत में नाममात्र स्टार्ट-अप होते थे लेकिन आज हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिली प्रेरणा के चलते देश के युवाओं ने हजारों स्टार्ट-अप स्थापित किए हैं जहां लाखों अन्य युवाओं को रोजगार भी मिला है। उन्होंने कहा कि आज भारत का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरियां देने वाला बन रहा है।

श्री गौरव गौतम ने कहा कि हरियाणा में मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने भी प्रधानमंत्री के नक्शे कदम पर चलते हुए हरियाणा के युवाओं के लिए खेल, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नए मार्ग प्रशस्त किए हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि उन्हें ऐसे लोगों को अपनी प्रेरणा का स्रोत बनाना चाहिए जिन्होंने राष्ट्र को आगे बढ़ाने के लिए अपना सब कुछ न्यौछावर कर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ विदेशी ताकतें युवाओं की आड़ में देश को अस्थिर करने और देश की छवि को खराब करने की कोशिश कर रही है लेकिन भारत ऐसी बाहरी ताकतों के मन्सूबों को कभी पूरा नहीं होने देगा।

इस अवसर पर हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री ज्ञानचंद गुप्ता, पंचकूला के मेयर श्री श्यामलाल बंसल, जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा, युवा एवं अधिकारिता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. जी अनुपमा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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