ऐतिहासिक शहर बटाला में बुनियादी ढांचे के बड़े विस्तार का ऐलान

ऐतिहासिक शहर बटाला में बुनियादी ढांचे के बड़े विस्तार का ऐलान

ऐतिहासिक शहर बटाला में बुनियादी ढांचे के बड़े विस्तार का ऐलान

बटाला, 16 अप्रैल। पंजाब के ऐतिहासिक शहरों में शामिल बटाला के कायाकल्प के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 177 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा की। ऐतिहासिक नगर के बुनियादी ढांचे का बड़े पैमाने पर विस्तार करने के लिए विभिन्न परियोजनाओं की घोषणा करके मुख्यमंत्री ने सत्ता का सुख भोग चुकी पिछली सरकारों को कड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। 

यहां की नगर निगम द्वारा 95.72 करोड़ रुपये के विकास कार्य किये जाएंगे, मंडी बोर्ड द्वारा 16.05 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जाएंगे और लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों के निर्माण पर 65.09 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों के नवीनीकरण पर मंडी बोर्ड 42.56 करोड़ रुपये जबकि लोक निर्माण विभाग 34.97 करोड़ रुपये खर्च करेगा। बटाला हलके में चार नए पुल बनेंगे और नई पुलिस लाइन के लिए 14.81 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने साल 2022 में अकाली-कांग्रेस की तीन पीढ़ियों से चल रही लूट का अंत कर दिया और साल 2027 में भी उन्हें वापसी नहीं करने देंगे, जबकि पिछली सरकारों पर खुद को बचाने के लिए जानबूझकर बेअदबी विरोधी कानूनों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने पारंपरिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए कहा कि ये पार्टियां आम लोगों से दूर हो गई थीं जिसकी वजह से लोगों ने इन्हें खारिज कर दिया जबकि उनकी सरकार शासन प्रदान करने और जवाबदेही के सम्मिलन के साथ आगे बढ़ रही है।

कई प्रमुख विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘अकालियों ने जानबूझकर बेअदबी के खिलाफ कमजोर कानून बनाया था ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि घिनौने अपराध के दोषियों को उनके पापों की सजा न मिले।’ उन्होंने आगे कहा, ‘ये नेता यह भी डरते थे कि उन्हें भी उनके अपराध की सजा मिलेगी जिस कारण इन्होंने कानून ही कमजोर बना दिया।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने जगत जोति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित किया है, जिसमें बेअदबी के लिए कठोर सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी का घिनौना अपराध प्रांत में कठोर मेहनत से कायम की गई शांति, भाईचारे और सांप्रदायिक सद्भावना को भंग करने की गहरी साजिश थी।’

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह कानून अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, ‘अब इस अक्षम्य अपराध में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जाएगा और बाकियों के लिए अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के पिता हैं और प्रांत सरकार इस पवित्र ग्रंथ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर पावन श्री गुरु ग्रंथ साहिब ही प्रांत में सुरक्षित नहीं है तो यह और कहां हो सकता है।’ इस कानून को बेअदबी रोकने के लिए ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया।

अकाली दल की तथाकथित ‘बचाओ यात्रा’ पर व्यंग्य करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘अकाली दल की इस यात्रा का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है क्योंकि यह सारा प्रयास उनके पारिवारिक हितों की रक्षा के लिए है।’ उन्होंने अकाली नेतृत्व को चुनौती देते हुए पूछा, ‘15 साल प्रांत को लूटने के बाद वे किससे प्रांत को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि अकालियों ने प्रांत को बेरहमी से लूटा है, पंजाबियों के मनों को गहरी ठेस पहुंचाई है और विभिन्न माफियाओं को संरक्षण दिया।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘हर कोई जानता है कि यह परिवार अंग्रेजों का पिठ्ठू था और देश के लिए लड़ने वाले देशभक्तों के खिलाफ साजिशें रचने के बदले उन्होंने इस परिवार को सर की उपाधि दी थी।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इस परिवार ने 13 अप्रैल, 1919 को जलियांवाला बाग कत्लेआम के दोषी जनरल डायर को इस घिनौनी घटना के बाद रात के खाने की मेजबानी करके सम्मानित किया था,’ उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यों ने उनकी देश-विरोधी और पंजाब-विरोधी मानसिकता को बेनकाब किया है।

उन्होंने कहा, ‘केवल इतना ही नहीं, इस परिवार ने जनरल डायर को श्री हरिमंदर साहिब में सिरोपा और माफी दिलवाना भी सुनिश्चित किया।’ इस बात पर जोर देते हुए कि इतिहास को मिटाया नहीं जा सकता, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘बादल के पूर्वजों का संदिग्ध चरित्र इतिहास के पन्नों में दर्ज है।’उन्होंने कहा, ‘इस परिवार के हाथ देशभक्तों के खून से रंगे हुए हैं और राष्ट्रवादियों की पीठ में छुरा घोंपने में इन गद्दारों की भूमिका को कभी नहीं भुलाया जा सकता।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन नेताओं ने प्रांत के नौजवानों को बर्बाद करने के लिए गोलियों और फिर नशीले पदार्थों (चिट्टे) का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि इन नेताओं को कभी माफ नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा, ‘अकालियों पर पीढ़ियों के नरसंहार का मुकदमा चलाया जाना चाहिए क्योंकि उन्होंने नशों के व्यापार को संरक्षण दिया और इस व्यापार ने उनके लंबे कुशासन के दौरान प्रांत भर में पैर पसारे।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इन नेताओं के हाथ उन लाखों नौजवानों के खून से रंगे हुए हैं जो प्रांत में इन नेताओं के सरकारी वाहनों में सप्लाई किए जाने वाले नशे का शिकार हो गए थे।’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘इन नेताओं के पाप माफी योग्य नहीं हैं और उन्हें उनके बुरे कामों के लिए लोग कभी माफ नहीं कर सकते, जो लोगों के मनों में आज भी ताजा हैं।’ उन्होंने इन्हें अवसरवादी नेता बताया जो अपनी सुविधा और निजी राजनीतिक हितों के अनुसार गिरगिट की तरह अपने रंग बदलते हैं। उन्होंने कहा कि अत्यधिक गर्मी में भी लोगों की भारी भीड़ प्रांत सरकार के प्रति लोगों के समर्थन को दर्शाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रांत सरकार ने लोगों के लिए पूरी तनदेही से काम किया है, लेकिन इन नेताओं ने बिजली खरीद समझौतों और निजी फर्मों से प्रांत को सप्लाई किए गए कोयले से भी पैसा कमाया।’ उन्होंने आगे कहा कि पछवाड़ा कोयला खान से कोयले की सप्लाई लंबे समय बाद फिर से शुरू हुई है और 2024-25 में इस खान ने 70 लाख मीट्रिक टन कोयले की सप्लाई का लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने कहा, ‘अक्टूबर 2022 में पछवाड़ा से सप्लाई फिर से शुरू होने के बाद ‘आप’ सरकार ने 1,462 करोड़ रुपये की बचत की है।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली नेता सुखबीर बादल ऐसे वादे कर रहे हैं जो कभी पूरे नहीं किए जा सकते और प्रांत में डायनासोरों की वापसी जैसे निराधार और तर्कहीन बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान सत्ता पुनः हासिल करने के प्रति उनकी बेचौनी को दर्शाते हैं, लेकिन उन्हें कभी प्रांत की सत्ता हासिल नहीं होगी। उन्होंने आगे कहा कि ये नेता सुबह ही उनके खिलाफ जहर उगलना शुरू कर देते हैं क्योंकि उनका असली चेहरा लोगों के सामने आ गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘इन पार्टियों ने बारी-बारी से अपने कार्यकाल के दौरान प्रांत की दौलत को लूटा है और दूसरी पार्टी को बचाने के लिए हथकंडे अपनाए।’ उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने झाड़ू को वोट दिया जिससे स्कूलों, अस्पतालों और अन्य क्षेत्रों में अहम बदलाव आया। उन्होंने कहा कि पिछले नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग करके भारी दौलत इकट्ठी की और बड़े-बड़े महल बनाए।

उन्होंने आगे कहा, ‘इन शानदार महलों की दीवारें ऊंची और दरवाजे लोगों के लिए हमेशा बंद रहते थे।’ उन्होंने कहा कि ये नेता आम लोगों की पहुंच से बाहर रहते थे और आखिरकार जनता ने इन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया। उन्होंने कहा कि लोग अब जागरूक हो गए हैं और उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन अहंकारी राजनेताओं ने कभी प्रांत के लोगों की परवाह नहीं की। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और कृषि के बारे में चर्चा करती है, लेकिन दूसरी पार्टियां केवल सत्ता हड़पने के हथकंडे अपना रही हैं। उन्होंने कहा कि ये नेता अब हैरान-परेशान हैं क्योंकि लोगों द्वारा उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा और केवल अपने परिवारों के बारे में चिंतित हैं।

राज्य सरकार की प्रमुख पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘पहली बार किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है।’ उन्होंने कहा कि ‘सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है और प्रांत के लगभग 90 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल जीरो आ रहा है।’उन्होंने आगे कहा, ‘65,000 से अधिक नौजवानों को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।’

मुख्यमंत्री ने लोगों से मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रति परिवार ‘10 लाख रुपये का कैशलेस इलाज’प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि इस योजना के तहत 30 लाख से अधिक लाभार्थियों को पहले ही स्वास्थ्य कार्ड मिल चुके हैं और 1.65 लाख लोग मुफ्त इलाज प्राप्त कर चुके हैं।

मावां-धियां सतिकार योजना के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के लिए 1500 रुपये और बाकी वर्गों की महिलाओं के लिए 1000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता सुनिश्चित की गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार द्वारा करदाताओं के पैसे का उपयोग सुचारू ढंग से जनता की भलाई के लिए किया जा रहा है, जबकि पिछली सरकारों ने इसके विपरीत काम किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने लोगों की दौलत को बुरी तरह लूटा और पंजाब की तरक्की को पटरी से उतार दिया।

उन्होंने कहा कि लोगों ने समझदारी से लोक-पक्षीय सरकार को सत्ता में लाने के लिए वोट दिया। उन्होंने कहा कि वे अकालियों को उनके कामों के लिए कभी माफ नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, ‘लोगों ने बार-बार अकालियों को चुना था, लेकिन वे गद्दार साबित हुए और उन्होंने हमेशा प्रांत और उसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा।’

मुख्यमंत्री ने कहा कि अकालियों ने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है। उन्होंने आगे कहा कि लोगों ने पारंपरिक पार्टियों के लोक-विरोधी और पंजाब-विरोधी रुख के कारण उनसे मुंह मोड़ लिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें पंजाब और पंजाबियों से अधिक अपने परिवारों की चिंता करती थीं, जिस कारण जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

अपने संबोधन में वरिष्ठ ‘आप’ नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘यह अत्यधिक गर्व और संतुष्टि की बात है कि भगवंत सिंह मान प्रांत के सबसे चहेते मुख्यमंत्री साबित हुए हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘भगवंत सिंह मान देश के इकलौते मुख्यमंत्री हैं जो लोगों की भलाई के लिए काम कर रहे हैं, जबकि बाकी सभी प्रांतों में ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो लालच या अपनी पार्टी के हितों की पूर्ति के लिए काम कर रहे हैं।’

मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा हैं।’ उन्होंने लोगों से अपने वोटों के सुचारू उपयोग करने की अपील की।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क, वरिष्ठ ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, विधायक अमनशेर सिंह शेरी कलसी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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