निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करें – सैनी
निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट का वैज्ञानिक निस्तारण सुनिश्चित करें - सैनी
चंडीगढ़, 25 जुलाई। गुरुग्राम की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और व्यवस्थित शहरी विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर की स्वच्छता और सुंदरता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य करने वाली सभी एजेंसियां और संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं निर्धारित स्थानों पर ही निस्तारण हो।
मुख्यमंत्री शनिवार को गुरुग्राम में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी विधायक बिमला चौधरी, सोहना विधायक श्री तेजपाल तंवर, गुरुग्राम के विधायक श्री मुकेश शर्मा भी उपस्थित रहे। बैठक में कुल 15 परिवाद रखे गए, जिनमें से मुख्यमंत्री ने 13 का मौके पर ही निपटारा किया, जबकि 02 मामलों को आगामी बैठक तक लंबित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन लंबित मामलों की स्टेटस रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करें।
सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों का समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री ने बैठक में सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी समाधान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वह स्वयं सीएम विंडो पर आने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हैं, इसलिए सभी अधिकारी प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से, निष्पक्षता और समयबद्ध तरीके से निवारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही, उदासीनता या दुर्भावनापूर्ण कार्यशैली सामने आई तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई नागरिक किसी समस्या के कारण शिकायत दर्ज कराता है तो उसका समाधान करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसलिए सभी अधिकारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ समाधान करें, ताकि आमजन को त्वरित राहत मिल सके।
वजीरपुर एन्क्लेव में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
बैठक में नगर निगम मानेसर क्षेत्र के वजीरपुर एन्क्लेव से आए आरडब्ल्यूए सदस्यों ने कॉलोनी की विभिन्न जनसमस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। सदस्यों ने बताया कि सरकार द्वारा कॉलोनी को नियमित किए जाने के बावजूद क्षेत्र में सीवरेज, स्ट्रीट लाइट, पेयजल, गलियों के निर्माण जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इसके अलावा बढ़ती आबादी के अनुरूप बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने तथा विद्युत लाइनों पर भार बढ़ाने की भी मांग रखी गई।
इन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कॉलोनी की समस्याओं का संयुक्त रूप से सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। विकास कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में आवश्यक कार्य पूर्ण करें, ताकि क्षेत्रवासियों को शीघ्र राहत मिल सके।
बिल्डर मनमानी पर सख्ती, बिजली कनेक्शन काटने पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री
बैठक में सेक्टर-83 से आए आरडब्ल्यूए सदस्यों ने मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत रखी कि संबंधित बिल्डर मेंटेनेंस शुल्क की वसूली के नाम पर उन परिवारों के बिजली कनेक्शन काट रहा है, जिन्होंने मेंटेनेंस चार्ज जमा नहीं कराया है। सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार की कार्रवाई से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी बिल्डर मेंटेनेंस शुल्क की वसूली के लिए किसी आवास का बिजली कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई न करे। उन्होंने कहा कि यदि कोई बिल्डर इस प्रकार की मनमानी करता हुआ पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों के मूलभूत अधिकारों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी मामलों में कानून के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।
सीएंडडी वेस्ट की अवैध डंपिंग पर होगी सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री
बैठक में सेक्टर-102 से आई एक शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री के समक्ष शिकायत रखी कि संबंधित क्षेत्र में एक बिल्डर द्वारा निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट खुले में डाला जा रहा है, जिससे पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन हो रहा है। शिकायत पर गंभीर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां कहीं भी सीएंडडी वेस्ट का अवैध रूप से निस्तारण किया जा रहा है, वहां जिम्मेदार व्यक्ति अथवा संस्था के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से डाले गए सीएंडडी वेस्ट को हटाने पर आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित बिल्डर या संस्था से ही वसूला जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक माह के भीतर यह सुनिश्चित किया जाए कि गुरुग्राम में कहीं भी खुले में सीएंडडी वेस्ट दिखाई न दे। उन्होंने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों को नोटिस जारी कर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए।
इस अवसर पर गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा, जिला परिषद की अध्यक्ष दीपाली चौधरी, शहरी विकास विभाग के प्रधान सलाहकार डी. एस ढेसी, जीएमडीए के सीईओ पी.सी मीणा, सीपी शिवास कविराज, नगर निगम गुरुग्राम आयुक्त प्रदीप दहिया, डीसी उत्तम सिंह, एचएसवीपी की प्रशासक वैशाली सिंह, मानेसर के निगम आयुक्त प्रदीप सिंह, मुख्यमंत्री के ओएसडी तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक विवेक कालिया, एडीसी सोनू भट्ट, सीटीएम ज्योति नागपाल, भाजपा के गुरुग्राम जिला अध्यक्ष सर्वप्रिय त्यागी, गुरुग्राम महानगर के जिला अध्यक्ष अजीत यादव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
