दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सीएम सैनी का संबोधन

दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सीएम सैनी का संबोधन

दीनबंधु छोटूराम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में सीएम सैनी का संबोधन

चंडीगढ़, 6 अप्रैल। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के इतिहास में मील का पत्थर है और उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के जीवन का एक अविस्मरणीय क्षण है।

मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह में  बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे देश के उप-राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का स्वागत और अभिनंदन किया। दीक्षांत समारोह में हरियाणा के राज्यपाल और कुलाधिपति प्रो. असीम कुमार घोष भी उपस्थित रहे।

 दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज प्राप्त की गई डिग्रियां और पदक विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम हैं। साथ ही उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों के योगदान की भी सराहना की।

 सैनी ने कहा कि यह विश्वविद्यालय महान समाज सुधारक एवं किसानों के मसीहा दीनबंधु चौधरी छोटू राम जी के नाम पर स्थापित है, जिन्होंने शिक्षा को गरीबी और अज्ञानता से मुक्ति का सबसे बड़ा साधन बताया था। उन्होंने कहा कि यह संस्थान आज उनके आदर्शों को आधुनिक तकनीक और विज्ञान के साथ जोड़ते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा ने शिक्षा, खेल, संस्कृति, शोध और औद्योगिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए देश में अग्रणी राज्य के रूप में अपनी अलग पहचान बनाई है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हरियाणा का प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए सक्षम बने। इसी उद्देश्य से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने ‘हरियाणा राज्य अनुसंधान कोष’ के तहत 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वर्ष 2025-26 में 350 से अधिक शोध प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें से लगभग 90 प्रस्तावों को शॉर्टलिस्ट किया गया है। इस वर्ष भी इस कोष के लिए अतिरिक्त 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ युवाओं के कौशल विकास पर भी विशेष ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के तहत बिना पर्ची-खर्ची के लगभग 2 लाख युवाओं को रोजगार दिया गया है।

 उन्होंने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा एआई एवं डिजिटल कॉलेज की स्थापना की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जहां आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षण प्रणाली लागू होगी। इसके अतिरिक्त उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए 10 करोड़ रुपये का विशेष कोष भी स्थापित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत करें और मानसिक, शारीरिक एवं नैतिक रूप से मजबूत बनें। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में सफलता के लिए समर्पण और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री ने सभी उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और विश्वविद्यालय प्रशासन को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे मिलकर हरियाणा और भारत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लें।

इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर श्रीप्रकाश सिंह सहित शिक्षकगण व उपाधि प्राप्त करने वाले युवा उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *