युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सैनी ने दिए अहम निर्देश
युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री सैनी ने दिए अहम निर्देश
चंडीगढ़, 27 मई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश की सभी आईटीआई की वर्कशॉप को मॉडर्न करके यहां आधुनिक जरूरतों के अनुरूप उपकरण उपलब्ध करवाए जाएं। सभी विद्यार्थियों को रोजगार सुनिश्चित करने के लिए आईटीआई के कोर्स और पढ़ाई को उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार किया जाए ताकि युवाओं को कोर्स खत्म होते ही रोजगार मिल सके और उद्योगों को अपनी आवश्यकता के अनुसार कुशल युवा उपलब्ध हो सकें। इसके साथ ही स्वरोजगार करने वाले युवाओं को भी प्रोत्साहित किया जाए और उनके आइडियाज को स्टार्ट-अप में बदलने के लिए उनकी सहायता की जाए।
मुख्यमंत्री ने यह निर्देश हरियाणा विजन 2047 के अंतर्गत आज हरियाणा सिविल सचिवालय में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के अगले 5 वर्ष की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक व वोकेशनल शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के शिक्षकों की भी समय-समय पर ट्रेनिंग और उद्योगों के साथ कॉर्डिनेशन करवाया जाए ताकि वे अपने विद्यार्थियों को समय की मांग के अनुरूप तैयार कर सकें। सरकार भी युवाओं को नौकरी देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन राशि दे रही है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार मिल सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समय के साथ उद्योगों की जरूरतों में बदलाव हुए हैं लेकिन आईटीआई जैसे प्रशिक्षण संस्थान अभी भी पुरानी पद्धति से पढ़ाई करवा रहे हैं। इसके चलते उद्योगों को कार्यकुशल युवा नहीं मिल पा रहे हैं और कोर्स कर चुके युवाओं को रोजगार नहीं मिल पाता है। इसके लिए जरूरी है कि सभी आईटीआई में कोर्स और वर्कशॉप को पूरी तरह से उद्योगों की मांग के अनुरूप व मॉडर्न किया जाए। युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन ने बताया कि आईटीआई की वर्कशॉप्स को मॉडर्न करने का सर्वे करवाया जा रहा है। पहले चरण में सर्वे हो चुकी आईटीआई के लिए 10 करोड़ रुपये के आधुनिक उपकरणों की खरीद के ऑर्डर कर दिए गए हैं, जल्द ही ये उपकरण आईटीआई में पहुंच जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग उद्योगों के साथ एमओयू साइन करके युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें रोजगार के काबिल बनाए। विभाग सभी उद्योगों से समन्वय बनाकर उनकी जरूरतों का अध्ययन करे और उसी के अनुरूप कुशल युवा तैयार करे। उन्होंने कहा कि अगली तिमाही में होने वाली बैठक में विभाग उन्हें यह विवरण प्रदान करे कि कितने उद्योगों के साथ समझौते किए गए हैं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आईटीआई व पोलिटेक्निक के शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिलवाया जाए ताकि वे भी अपने आप को समय की जरूरत के अनुसार अपडेट कर सकें। आईटीआई शिक्षकों को उद्योगों की जरूरतों का अध्ययन करने के लिए औद्योगिक इकाइयों में भी भेजा जाए। इसी प्रकार समय-समय पर उद्योगों के प्रतिनिधि या विशेषज्ञों को आईटीआई में बुलाकर विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शन कार्यक्रम करवाए जाएं। अधिकारियों ने बताया कि कुरुक्षेत्र में प्रदेश स्तरीय इंस्ट्रक्टर ट्रेनिंग सेंटर खोलने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सेंटर तैयार होने तक प्रदेश के श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के साथ मिलकर इसी साल से शिक्षकों की ट्रेनिंग करवाई जाए।
डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव अमनीत पी कुमार ने बताया कि विदेश सहयोग विभाग के माध्यम से युवाओं को विदेश में रोजगार उपलब्ध करवाने हेतु प्रदेश में 4 जिलों में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे। दो जिलों, करनाल व पंचकूला में इनके लिए स्थान चिह्न्ति किए जा चुके हैं, दो जिलों का चयन करने की प्रक्रिया चल रही है। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद अधिक से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार के लिए तैयार किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि कनाडा में लगभग 80 हजार ट्रक ड्राइवरों की जरूरत है। यह जरूरत पूरी करने के लिए विभाग द्वारा अशोक लीलैंड के साथ बात की जा रही है जहां बच्चों को प्रशिक्षण दिलवाकर विदेश में रोजगार उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए अधिक से अधिक रोजगार मेले लगवाए जाएं। मुख्यमंत्री ने गत वर्ष आयोजित किए गए रोजगार मेलों की संख्या और इनके माध्यम से रोजगार प्राप्त युवाओं की संख्या की जानकारी मांगते हुए कहा कि प्लेसमेंट और ऑफर लेटर मिलने वाले युवाओं की ट्रेकिंग करवाई जाए ताकि पता लगे कि उसे स्थाई रोजगार मिला है या नहीं। उन्होंने कहा कि रोजगार अधिकारियों को भी उद्योगों में जाकर उनकी जरूरतों की जानकारी लेते रहना चाहिए और उसी के अनुरूप विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करना चाहिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, मुख्यमंत्री के ओएसडी व स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू तथा मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
